• अहलेबैत (अ.स.)

    २८ सफ़र नाना और नवासे की शहादत एक जैसी है

    पढ़ने का समय: 2 मिनट२८ सफ़र सन 11 हिज्री, येह वो तारीख़ है जिस रोज़ रसूले ख़ुदा स.अ. इस दारे फ़ानी से रुख़स्त हुए। उनकी रेहलत के चालीस साल बाद इसी तारीख़ को ऑनहज़रत के [...]
  • अहलबैत

    क्या मअ़्‌सूमीन (अ़.स.) ने कभी भी लअ़्‌नत करने की तरग़ीब नहीं दी?

    पढ़ने का समय: 4 मिनटक्या मअ़्‌सूमीन (अ़.स.) ने कभी भी लअ़्‌नत करने की तरग़ीब नहीं दी? जब अह्लेबैत (अ़.स.) को अ़ज़ीयत देने वालों पर लअ़्‌नत भेजने की बात आती है तो कुछ अफ़राद इस पर [...]
  • अहलबैत

    दुश्मने अ़ली (अ़.स.) से बराअत ज़रूरी है

    पढ़ने का समय: 3 मिनटदुश्मने अ़ली (अ़.स.) से बराअत ज़रूरी है इस्लाम में और ख़ुसूसन शीआ़ मकतबे फ़िक्र में, दुश्मनाने ख़ुदा और रसूल से बराअत करने को वाजिब क़रार दिया गया है। इस बाबत क़ुरआन [...]
  • तबर्रा

    बराअत एक अज़ीम इबादत

    पढ़ने का समय: 3 मिनटदीने इस्लाम के बुनियादी उसूलों में तवल्ला और तबर्रा दोनों शामिल हैं। बल्कि दुश्मनाने अहलेबैत अ.स. से तबर्रा किए बग़ैर किसी की विलायते अहलेबैत अ.स. क़ाबिले क़बूल नहीं है। बराअत अज़ [...]
  • तबर्रा

    क्या तबर्रा करना एक बेफ़ाएदा अ़मल है?

    पढ़ने का समय: 5 मिनटक्या तबर्रा करना एक बेफ़ाएदा अ़मल है? कहा जाता है: मुख़ालेफ़ीन से इस तरह़ की बह़्सों पर इतनी तवानाई ख़र्च की गई कि इस का कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि अह्लेबैत [...]

Ahlebait (a.s.)

  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 2 मिनटकिसी भी मिशन की कामयाबी के लिए जितना ख़ुलूसे नियत की ज़रूरत होती है उस से कहीं ज़्यादा सरमाया (माल) दरकार होता है। हर आलमी (दुन्यवी) रहबर और सरबराहे कौम को [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 4 मिनटसन 10 हिजरी के इख्तिताम से ही सरवरे कायनात हज़रत मोहम्मद मुस्तुफा़ (स.अ.) अपनी उम्मत को यह बताते रहे कि अनक़रीब मैं तुम्हारे दरमियान से चला जाने वाला हूँ। मैं अपने [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनट“व आते ज़ल क़ुर्बा हक़्क़हू वल मिस्लीनव् वबनस्सबीले वला तुबज़्ज़िर तबज़ीरा” (सूरए इस्रा, आयत 26) आपने क़राबतदारों को उनका हक़ दीजिए और मिस्क़ीन और मुसालफ़िर को भी और इसराफ़ न किजीए। [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी (स.अ.व.व.) को मोमेनीन की माँ होने का रूतबा और दर्जा दिया है। हक़ीक़ी मानो में इस लक़्ब की सब से ज़्यादा मुस्तहिक़ रसूलुल्लाह (स.अ.व.व.) की पहली [...]

debate

Ayyamefatimiya Fatima Ghadir s1 अम्बिया ( अ.म.स.) ( Prophets ) अय्यामे फ़ातिमियाह (Ayyam e Fatimiyyah) अरबईन (Arbaeen) अली-अ-स अहलेबैत (अ.स.) ( Ahlebait a.s.) अहले सुन्नह (Ahle Sunnah) अज़ादारी (Azadari) इतिहास ( History) इमाम अली (अ.स.) ( Imam Ali a.s.) इमामत पर किताबें ( Books on Imamat) इमाम बाक़िर (अ.स.) (Imam Baqir a.s.) इमाम महदी (अ.स.) (Imam Mahdi a.s.) इमाम हुसैन (अ.स.) (Imam Hussain a.s.) इसलाम ( Islam) ईमामतो विलायत (Imamat wilayat) उम्मुल मोमेनीन ( Ummul Momeneen) ख़िलाफ़त ( successorship) जनाबे ख़दीजा (स.अ.) (J. Khadija s.a.) तबर्राह (Tabarrah) नबुव्वत (Nabuwwat) नहजुल बलाग़ा ( Nahjul Balagha) फदक (Fadak) बहस-मुबाहिसा मुहर्रम (Muharram) रजब (Rajab) रमज़ान (Ramazan) रसूले खुदा (स.अ.व) ( Holy Prophet s.aw.a.) रसूले खुदा (स.अ.व.) की बीवियां ( Wives of the Holy Prophet s.a.w.a.) लानत (cursing) वहाबी ( Wahabi) शिया (Shia) शोक (Mourning) सलफी (Salafi) सहाबा (Sahabah) सुन्नाह (Sunnah) ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.) (H. Fatemah Zahra s.a.) हज़रत-रसूल-इ-ख़ुदा-s-a-w-s हिशाम इब्ने हकम ( Hesham Ibn Hikam) क़ुरआने मजीद (The Holy Quran) ग़दीर (Ghadeer) ज़ियारत (Ziyarat)

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रोज़े अरबईन – इमाम हुसैन (अ.स.) का चेहलुम

by noorehaq in मुहर्रम 0

पढ़ने का समय: 4 मिनटमाहे सफर के आग़ाज़ से ही बहोत से अज़ादारे सैय्यदुश शोहदा (अ.स.) रोज़े अरबईन की तैयारी में लग जाते हैं, ख़ुसूसन वह जो करबला के सफ़र का इरादा रखते हैं। वैसे [...]

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