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इमाम हुसैन (अ.स.)

इमाम ह़सन-ओ-इमाम ह़ुसैन (अ़.स.) ने क्यों उ़मर के ज़रीए़ अपनी वालेदए गेरामी के क़त्ल की तरफ़ कोई इशारा नहीं किया?

पढ़ने का समय: < 1 मिनट(अ) इमाम ह़सन मुज्तबा (अ़.स.) ने अपने मुनाज़ेरे में जो कि अ़म्री बिन उ़स्मान बिन अ़फ़्फ़ान, अ़म्रो बिन आ़स, उ़त्बा बिन अबू सुफ़ियान, वलीद बिन उ़क्बा और मुग़ीरा बिन शोअ़्‌बा के साथ मुआ़विया की मौजूदगी […]

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लानत (cursing)

क्या क़ुरआन, फ़ासिक़-ओ-फ़ाजिर मुसलमान पर लअ़्‌नत करने से रोकता है?

पढ़ने का समय: 4 मिनटएक वीडियो क्लिप में एक वह़ाबी ख़तीब अपने मुरीदों को बता रहे थे कि यज़ीद पर लअ़्‌नत करना जाएज़ नहीं है। उनका कहना था कि भले ही यज़ीद फ़ासिक़-ओ-फ़ाजिर था मगर वोह कम अज़ कम […]

अहलबैत

क्या मअ़्‌सूमीन (अ़.स.) ने कभी भी लअ़्‌नत करने की तरग़ीब नहीं दी?

पढ़ने का समय: 4 मिनटक्या मअ़्‌सूमीन (अ़.स.) ने कभी भी लअ़्‌नत करने की तरग़ीब नहीं दी? जब अह्लेबैत (अ़.स.) को अ़ज़ीयत देने वालों पर लअ़्‌नत भेजने की बात आती है तो कुछ अफ़राद इस पर एअ़्‌तेराज़ करते हैं। वोह […]

अहलबैत

दुश्मने अ़ली (अ़.स.) से बराअत ज़रूरी है

पढ़ने का समय: 3 मिनटदुश्मने अ़ली (अ़.स.) से बराअत ज़रूरी है इस्लाम में और ख़ुसूसन शीआ़ मकतबे फ़िक्र में, दुश्मनाने ख़ुदा और रसूल से बराअत करने को वाजिब क़रार दिया गया है। इस बाबत क़ुरआन में मुतअ़द्दिद आयात मौजूद […]

अली (अ.स)

जब माँगने वाले ने अपने लिए अ़ज़ाब माँगा

पढ़ने का समय: 5 मिनटजब माँगने वाले ने अपने लिए अ़ज़ाब माँगा “एक सवाली ने उस अ़ज़ाब का सवाल किया जो काफ़िरों पर वाक़ेअ़्‌ होने वाला है।” येह “आयते सअल साएलुन या आयते अ़ज़ाबे वाक़ेअ़्‌”, सूरह मआ़रिज की आयत […]

अहलबैत

रसूले इस्लाम (स.अ़.व.आ.) को किसने ज़हर दिया था

पढ़ने का समय: 4 मिनटरसूले इस्लाम (स.अ़.व.आ.) को किसने ज़हर दिया था फ़रीक़ैन की किताबों में इस बात का ज़िक्र मिलता है कि अल्लाह का रसूल (स.अ़.व.आ.) इस दुनिया से मसमूम रुख़्सत हुआ है। इस बात पर कुतुबे अह़ादीस […]

तबर्रा

क्या तबर्रा करना एक बेफ़ाएदा अ़मल है?

पढ़ने का समय: 5 मिनटक्या तबर्रा करना एक बेफ़ाएदा अ़मल है? कहा जाता है: मुख़ालेफ़ीन से इस तरह़ की बह़्सों पर इतनी तवानाई ख़र्च की गई कि इस का कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि अह्लेबैत (अ़.स.) के दुश्मन अपने […]

हज़रत रसूल इ ख़ुदा (s.a.w.s)

पहलू-ए-रसूल (स.अ़.व.आ.) में तदफ़ीन: फ़ज़ीलत या मिल्कियत का मसला ?

पढ़ने का समय: 3 मिनटक्या येह फ़ज़ीलत है? अह्ले तसन्नुन उ़लमा जब अपने ख़ुलफ़ा की फ़ज़ीलत गिनवाते हैं तो इस बात का ज़िक्र ज़रूर करते हैं कि शेख़ैन को येह शरफ़ ह़ासिल है कि वोह दोनों रसूले इस्लाम के […]

ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

बराअ़ते फ़ातेमी (स.अ़.) अज़ ख़ेलाफ़ते ग़ासेबी

पढ़ने का समय: 4 मिनटबराअ़ते फ़ातेमी (स.अ़.) अज़ ख़ेलाफ़ते ग़ासेबी आ़लमे इस्लाम में जितने भी फ़िर्क़े हैं उनमें मक़तबे तशय्योअ़्‌ को बहुत से इम्तेयाज़ात ह़ासिल हैं। उनमें एक येह है कि वोह रसूले अकरम (स.अ़.व.आ.) की वसीयत, “ह़दीसे सक़लैन” […]

नसेबियत

मुसलमानों में नासेबीयत को ‘फ़रोग़’ देने वाला कौन है?

पढ़ने का समय: 3 मिनटमुसलमानों में नासेबीयत को ‘फ़रोग़’ देने वाला कौन है? मुसलमानों के यहाँ इब्तेदा से दो ऐसे लफ़्ज़ों का चलन है, जो वोह अपने मुख़ालिफ़ के लिए बतौरे गाली इस्तेअ़्‌माल करते हैं। एक ‘राफ़ेज़ी’ और दूसरा […]