तबर्रा

बराअत एक अज़ीम इबादत

पढ़ने का समय: 3 मिनटदीने इस्लाम के बुनियादी उसूलों में तवल्ला और तबर्रा दोनों शामिल हैं। बल्कि दुश्मनाने अहलेबैत अ.स. से तबर्रा किए बग़ैर किसी की विलायते अहलेबैत अ.स. क़ाबिले क़बूल नहीं है। बराअत अज़ दुश्मनाने ख़ुदा भी इसी […]

अन्य लोग

शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल वहाब की दीदा दिलेरी और पैग़म्बरे अकरम (स.अ.) की शान में गुस्ताखी़याँ

पढ़ने का समय: 2 मिनटशेख़ नजदी मुख्त़लिफ़ तरीकों से पैग़म्बरे अकरम (स.अ.) की तनक़ीद किया करता था और उस का यह ख़्याल था कि तौहीद को महफूज़ रखने का यही एक तरीक़ा है। उसकी चन्द गुस्ताखियाँ दर्ज ज़ैल हैं। […]

अहलबैत

शहादते अमीरुल मोमेनीन (अलैहिस्सलाम) और उसका हक़ीक़ी पसमंज़र

पढ़ने का समय: 5 मिनट19 रमज़ानुल मुबारक सन 40 हिजरी को सुबह की नमाज़ के वक्त एक ऐसा दिल दोज़ (दिल हिलाने वाला) वाक़िया ज़ाहिर हुआ जिसे मुसलमानों की तारीख़ आज तक नहीं भुला पाई। मस्जिदे कुफ़ा के मेहराबे […]

ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

अय्यामे फ़ातिमी और तजदीदे बराअत

पढ़ने का समय: 5 मिनटइन्नल्लज़ीन यूजू़नल्लाहा व रसूलुहू लानल्लाहो फ़िद्दुनिया वल आख़िरते व अअद्द लहुम आज़ाबम् मुहीना (सूरए एहज़ाब, आयत 57) जो लोग अल्लाह और उसके रसूल को अज़ियत देते हैं अल्लाह उनपर दुनिया और आखे़रत में लानत करता […]

मान्यताएं

अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत

पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]