Ahlebait (a.s.)

  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 2 मिनटकिसी भी मिशन की कामयाबी के लिए जितना ख़ुलूसे नियत की ज़रूरत होती है उस से कहीं ज़्यादा सरमाया (माल) दरकार होता है। हर आलमी (दुन्यवी) रहबर और सरबराहे कौम को [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 4 मिनटसन 10 हिजरी के इख्तिताम से ही सरवरे कायनात हज़रत मोहम्मद मुस्तुफा़ (स.अ.) अपनी उम्मत को यह बताते रहे कि अनक़रीब मैं तुम्हारे दरमियान से चला जाने वाला हूँ। मैं अपने [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनट“व आते ज़ल क़ुर्बा हक़्क़हू वल मिस्लीनव् वबनस्सबीले वला तुबज़्ज़िर तबज़ीरा” (सूरए इस्रा, आयत 26) आपने क़राबतदारों को उनका हक़ दीजिए और मिस्क़ीन और मुसालफ़िर को भी और इसराफ़ न किजीए। [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी (स.अ.व.व.) को मोमेनीन की माँ होने का रूतबा और दर्जा दिया है। हक़ीक़ी मानो में इस लक़्ब की सब से ज़्यादा मुस्तहिक़ रसूलुल्लाह (स.अ.व.व.) की पहली [...]

debate

Ayyamefatimiya Fatima Ghadir s1 अय्यामे फ़ातिमियाह (Ayyam e Fatimiyyah) अरबईन (Arbaeen) अली-अ-स अहलेबैत (अ.स.) ( Ahlebait a.s.) अहले सुन्नह (Ahle Sunnah) अज़ादारी (Azadari) इतिहास ( History) इमाम अली (अ.स.) ( Imam Ali a.s.) इमामत पर किताबें ( Books on Imamat) इमाम बाक़िर (अ.स.) (Imam Baqir a.s.) इमाम महदी (अ.स.) (Imam Mahdi a.s.) इमाम हसन (अ.स.) (Imam Hasan a.s.) इमाम हुसैन (अ.स.) (Imam Hussain a.s.) इसलाम ( Islam) ईमामतो विलायत (Imamat wilayat) उम्मुल मोमेनीन ( Ummul Momeneen) ख़िलाफ़त ( successorship) जनाबे ख़दीजा (स.अ.) (J. Khadija s.a.) तबर्राह (Tabarrah) नबुव्वत (Nabuwwat) नहजुल बलाग़ा ( Nahjul Balagha) फदक (Fadak) बहस-मुबाहिसा बिद्अत ( bid'at) मुहर्रम (Muharram) रजब (Rajab) रमज़ान (Ramazan) रसूले खुदा (स.अ.व) ( Holy Prophet s.aw.a.) रसूले खुदा (स.अ.व.) की बीवियां ( Wives of the Holy Prophet s.a.w.a.) लानत (cursing) वहाबी ( Wahabi) शाबान (Shabaan) शिया (Shia) शोक (Mourning) सलफी (Salafi) सहाबा (Sahabah) सुन्नाह (Sunnah) ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.) (H. Fatemah Zahra s.a.) हज़रत-रसूल-इ-ख़ुदा-s-a-w-s क़ुरआने मजीद (The Holy Quran) ग़दीर (Ghadeer)

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इसलाम का हक़ीक़ी चेहरा किसने बिगाड़ा?

by noorehaq in अन्य लोग 0

पढ़ने का समय: 4 मिनटअल्लाह ने इंसान की हिदायत के लिए मुसलसल अन्बिया और मुरसलीन भेजे, ताकि वह बनी आदम को इंसानियत का दर्स दें, और उनका किरदार इस बुलन्दी पर ले जायें कि फ़रिश्ते [...]

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