• मान्यताएं

    अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत

    पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)

    जनाबे ख़दीजा (स.अ.) जिन्हें अल्लाह और जिब्रईल सलाम भेजते हैं।

    पढ़ने का समय: 2 मिनटइसलाम की तालीमात में एक अहम रुक्न एक दूसरे को सलाम करना है। अहादीसे नबवी (स.अ.) में ‘इफशाउस सलाम’ की बदुत ज़्यादा ताकीद की गई है। क़ुरआने करीम में भी सलाम [...]
  • तबर्रा

    बराअत एक अज़ीम इबादत

    पढ़ने का समय: 3 मिनटदीने इस्लाम के बुनियादी उसूलों में तवल्ला और तबर्रा दोनों शामिल हैं। बल्कि दुश्मनाने अहलेबैत अ.स. से तबर्रा किए बग़ैर किसी की विलायते अहलेबैत अ.स. क़ाबिले क़बूल नहीं है। बराअत अज़ [...]
  • मान्यताएं

    क़ुरआन में अम्बिया की मीरास

    पढ़ने का समय: 3 मिनटइस में कोई अचम्भे की बात नहीं है कि बच्चों को उनके मरहूम माँ बाप की मीरास मिलती है। यह हर समाज, हर ज़माने में और मज़हब में पाया जाने वाला [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)

    इत्तेहाद बैनल मुसलेमीन क्योंकर मुम्किन है?

    पढ़ने का समय: 5 मिनटमाहे रमज़ान के आख़री अशरे के आग़ाज़ में टीवी चैनलों पर मौला अली (अलैहिस्सलाम) की शहादत से मुतल्लिक़ प्रोग्राम नश्र किए जाते हैं। आम तौर पर उन प्रोग्रामों में इसलाम के [...]

Ahlebait (a.s.)

  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 2 मिनटकिसी भी मिशन की कामयाबी के लिए जितना ख़ुलूसे नियत की ज़रूरत होती है उस से कहीं ज़्यादा सरमाया (माल) दरकार होता है। हर आलमी (दुन्यवी) रहबर और सरबराहे कौम को [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 4 मिनटसन 10 हिजरी के इख्तिताम से ही सरवरे कायनात हज़रत मोहम्मद मुस्तुफा़ (स.अ.) अपनी उम्मत को यह बताते रहे कि अनक़रीब मैं तुम्हारे दरमियान से चला जाने वाला हूँ। मैं अपने [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनट“व आते ज़ल क़ुर्बा हक़्क़हू वल मिस्लीनव् वबनस्सबीले वला तुबज़्ज़िर तबज़ीरा” (सूरए इस्रा, आयत 26) आपने क़राबतदारों को उनका हक़ दीजिए और मिस्क़ीन और मुसालफ़िर को भी और इसराफ़ न किजीए। [...]
  • अहलेबैत (अ.स.)
    पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी (स.अ.व.व.) को मोमेनीन की माँ होने का रूतबा और दर्जा दिया है। हक़ीक़ी मानो में इस लक़्ब की सब से ज़्यादा मुस्तहिक़ रसूलुल्लाह (स.अ.व.व.) की पहली [...]

debate

Ayyamefatimiya Fatima Ghadir s1 अय्यामे फ़ातिमियाह (Ayyam e Fatimiyyah) अरबईन (Arbaeen) अली-अ-स अहलेबैत (अ.स.) ( Ahlebait a.s.) अहले सुन्नह (Ahle Sunnah) अज़ादारी (Azadari) आएशा (Ayesha) इतिहास ( History) इमाम अली (अ.स.) ( Imam Ali a.s.) इमामत पर किताबें ( Books on Imamat) इमाम बाक़िर (अ.स.) (Imam Baqir a.s.) इमाम महदी (अ.स.) (Imam Mahdi a.s.) इमाम हुसैन (अ.स.) (Imam Hussain a.s.) इसलाम ( Islam) ईमामतो विलायत (Imamat wilayat) उम्मुल मोमेनीन ( Ummul Momeneen) ख़िलाफ़त ( successorship) जनाबे ख़दीजा (स.अ.) (J. Khadija s.a.) तबर्राह (Tabarrah) नबुव्वत (Nabuwwat) नहजुल बलाग़ा ( Nahjul Balagha) फदक (Fadak) बहस-मुबाहिसा बिद्अत ( bid'at) मुहर्रम (Muharram) रजब (Rajab) रमज़ान (Ramazan) रसूले खुदा (स.अ.व) ( Holy Prophet s.aw.a.) रसूले खुदा (स.अ.व.) की बीवियां ( Wives of the Holy Prophet s.a.w.a.) लानत (cursing) वहाबी ( Wahabi) शिया (Shia) शोक (Mourning) सलफी (Salafi) सहाबा (Sahabah) सुन्नाह (Sunnah) ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.) (H. Fatemah Zahra s.a.) हज़रत-रसूल-इ-ख़ुदा-s-a-w-s क़ुरआने मजीद (The Holy Quran) ग़दीर (Ghadeer) ज़ियारत (Ziyarat)

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फिदक की कहानी आएशा की ज़बानी

by noorehaq in अन्य लोग 0

पढ़ने का समय: 2 मिनटरसूल (स.अ.) की रेहलत के बाद जो वाकेआत रूनुमा हुए उनमें से अहम मुकद्दमए फिदक था। बल्कि यह वाकेआ हिदायत हासिल करने और उनके लिए एक मश्अले राह है। इस मुकद्दमे [...]

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