ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

उ़मर के हाथों बिन्ते रसूल (स.अ़.व.आ.) के क़त्ल पर मदीना के लोग क्यों ख़ामोश रहे और कोई इक़दाम नहीं किया?

पढ़ने का समय: < 1 मिनट(अ) क्या बनी हाशिम और बहुत से वोह लोग कि जिन्होंने सक़ीफ़ा और उस ज़माने के वाक़ेआ़त और ह़ादेसात पर एअ़्‌तेराज़ किया और ह़ज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ़.) के घर में जमअ़्‌ होकर अबू बक्र की […]

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इमाम हुसैन (अ.स.)

इमाम ह़सन-ओ-इमाम ह़ुसैन (अ़.स.) ने क्यों उ़मर के ज़रीए़ अपनी वालेदए गेरामी के क़त्ल की तरफ़ कोई इशारा नहीं किया?

पढ़ने का समय: < 1 मिनट(अ) इमाम ह़सन मुज्तबा (अ़.स.) ने अपने मुनाज़ेरे में जो कि अ़म्री बिन उ़स्मान बिन अ़फ़्फ़ान, अ़म्रो बिन आ़स, उ़त्बा बिन अबू सुफ़ियान, वलीद बिन उ़क्बा और मुग़ीरा बिन शोअ़्‌बा के साथ मुआ़विया की मौजूदगी […]

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ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

क्यों शीओ़ं को कुछ साल पहले तक दुख़्तरे रसूल (स.अ़.व.आ.) की शहादत के सिलसिले में कोई ख़बर नहीं थी?

पढ़ने का समय: < 1 मिनटक्यों शीओ़ं को कुछ साल पहले तक दुख़्तरे रसूल (स.अ़.व.आ.) की ख़लीफ़ा के हाथों शहादत के सिलसिले में कोई ख़बर नहीं थी और अब इस वाक़ेआ़ की तरफ़ मुतवज्जेह हो गए और अ़ज़ादारी बरपा करने […]

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ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

क़ुरआन में अम्बिया (अ़.स.) की मीरास

पढ़ने का समय: 3 मिनटइसमें कोई तअ़्‌ज्जुब की बात नहीं कि बच्चों को उनके मरह़ूम वालेदैन की मीरास मिलती है। येह हर समाज में, हर ज़माने में और हर मज़हब में पाया जाने वाला दस्तूर है। येह उसूल, मन्तेक़ी […]

ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

बराअ़ते फ़ातेमी (स.अ़.) अज़ ख़ेलाफ़ते ग़ासेबी

पढ़ने का समय: 4 मिनटबराअ़ते फ़ातेमी (स.अ़.) अज़ ख़ेलाफ़ते ग़ासेबी आ़लमे इस्लाम में जितने भी फ़िर्क़े हैं उनमें मक़तबे तशय्योअ़्‌ को बहुत से इम्तेयाज़ात ह़ासिल हैं। उनमें एक येह है कि वोह रसूले अकरम (स.अ़.व.आ.) की वसीयत, “ह़दीसे सक़लैन” […]

ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

फ़िदक की कहानी आ़एशा की ज़बानी

पढ़ने का समय: 2 मिनटफ़िदक की कहानी आ़एशा की ज़बानी रसूल (स.अ़.) की रेहलत के बअ़्द जो वाक़आ़त रूनुमा हुए उन में से अहम वाक़आ़ मुक़द्दमए फ़िदक था। बल्कि येह वाक़आ़ हेदायत ह़ासिल करने वालों के लिए एक मश्अ़ले […]

विषय

जनाबे ज़हरा (स.अ.) ने अपने ह़क़्क़े फि़दक का मुतालिबा क्यों किया?

पढ़ने का समय: 4 मिनटहज़रत फातेमातुज़ ज़हरा (स.अ.) जो कि जन्नत की औरतों की सरदार  हैं, बज़ाहिर दुन्यवी चीज़ों में ज़रा सी भी दिलचस्पी नहीं रखती थीं। इस्लामी दुनिया ने बारहा यह माना है कि वह नफ्स़ पर क़ाबू […]

अहलेबैत (अ.स.)

फ़िदक : एक अजीब मुक़द्देमा

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व आते ज़ल क़ुर्बा हक़्क़हू वल मिस्लीनव् वबनस्सबीले वला तुबज़्ज़िर तबज़ीरा” (सूरए इस्रा, आयत 26) आपने क़राबतदारों को उनका हक़ दीजिए और मिस्क़ीन और मुसालफ़िर को भी और इसराफ़ न किजीए। यह बात मुसल्लम है […]

विषय

जनाबे उम्मे ऐमन मुक़द्देमए फ़ेदक की एक अहम गवाह

पढ़ने का समय: 3 मिनटसन 7 हिजरी में जंगे ख़ैबर के बाद यहूदियों ने बाग़े फ़ेदक बग़ैर जंगो जिदाल रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) की ख़िदमत में पेश कर दिया। आप (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) […]

विषय

मौला अली (अलैहिस्सलाम) मुक़द्दमए फ़िदक के अहम गवाह

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व यकूलुल लज़ीन कफ़रू लस्त मुर्सला कु़ल कफ़ा बिल्लाहे शहीदुम बैनी व बैनकुम व मन इन्दहू इल्मुल किताब” (सूरए राद, आयत 43) काफ़िर कहते है कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) रसूल नहीं […]