No Picture
ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

उ़मर के हाथों बिन्ते रसूल (स.अ़.व.आ.) के क़त्ल पर मदीना के लोग क्यों ख़ामोश रहे और कोई इक़दाम नहीं किया?

पढ़ने का समय: < 1 मिनट(अ) क्या बनी हाशिम और बहुत से वोह लोग कि जिन्होंने सक़ीफ़ा और उस ज़माने के वाक़ेआ़त और ह़ादेसात पर एअ़्‌तेराज़ किया और ह़ज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ़.) के घर में जमअ़्‌ होकर अबू बक्र की […]

No Picture
खिलाफत

ह़दीस “ला नूरेसो” की ह़ैसीयत

पढ़ने का समय: 3 मिनटबिन्ते रसूल (स.अ़.व.आ.) जनाबे फ़ातेमा (स.अ़.) ने जब अपने बाबा रसूलुल्लाह (स.अ़.व.आ.) की मीरास का मुतालबा किया तो ह़ाकिमे वक़्त और ख़लीफ़ए अव्वल अबू बक्र ने कुछ भी देने से इन्कार दिया और एक अलग […]

ह.फातेमा ज़हरा (स.अ.)

फ़िदक की कहानी आ़एशा की ज़बानी

पढ़ने का समय: 2 मिनटफ़िदक की कहानी आ़एशा की ज़बानी रसूल (स.अ़.) की रेहलत के बअ़्द जो वाक़आ़त रूनुमा हुए उन में से अहम वाक़आ़ मुक़द्दमए फ़िदक था। बल्कि येह वाक़आ़ हेदायत ह़ासिल करने वालों के लिए एक मश्अ़ले […]

अहलबैत

इन्हेदामे जन्नतुल बक़ीअ़़

पढ़ने का समय: 10 मिनटइब्तेदाइया: बिस्मिल्लाहिर्रहमानिरर्हीम ’’उद्ओ़ इला सबीले रब्बे-क बिलह़िक्मते वल मौए़ज़तिल ह-स-न-त व जादिलहुम बिल्लती हिया अह़सन’’ लोगों को अपने रब के रास्ते की तरफ़ हिकमत और उमदा नसीहत के साथ दावत दो और उनसे बेहतरीन अंदाज़ […]

विषय

जनाबे ज़हरा (स.अ.) ने अपने ह़क़्क़े फि़दक का मुतालिबा क्यों किया?

पढ़ने का समय: 4 मिनटहज़रत फातेमातुज़ ज़हरा (स.अ.) जो कि जन्नत की औरतों की सरदार  हैं, बज़ाहिर दुन्यवी चीज़ों में ज़रा सी भी दिलचस्पी नहीं रखती थीं। इस्लामी दुनिया ने बारहा यह माना है कि वह नफ्स़ पर क़ाबू […]

विषय

मौला अली (अलैहिस्सलाम) मुकद्दमए फ़िदक के अहम गवाह

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व यकूलुल लज़ीन कफ़रू लस्त मुर्सला कु़ल कफ़ा बिल्लाहे शहीदुम बैनी व बैनकुम व मन इन्दहू इल्मुल किताब” (सूरए राद, आयत 43) काफ़िर कहते है कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) रसूल नहीं […]

अहलेबैत (अ.स.)

फ़िदक : एक अजीब मुक़द्देमा

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व आते ज़ल क़ुर्बा हक़्क़हू वल मिस्लीनव् वबनस्सबीले वला तुबज़्ज़िर तबज़ीरा” (सूरए इस्रा, आयत 26) आपने क़राबतदारों को उनका हक़ दीजिए और मिस्क़ीन और मुसालफ़िर को भी और इसराफ़ न किजीए। यह बात मुसल्लम है […]

विषय

जनाबे उम्मे ऐमन मुक़द्देमए फ़ेदक की एक अहम गवाह

पढ़ने का समय: 3 मिनटसन 7 हिजरी में जंगे ख़ैबर के बाद यहूदियों ने बाग़े फ़ेदक बग़ैर जंगो जिदाल रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) की ख़िदमत में पेश कर दिया। आप (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) […]

अहलबैत

जो चुप रहेगी ज़बाने खंजर लहू पुकारेगा आसतीं का

पढ़ने का समय: 4 मिनटदूसरी क़ौमों और मिल्लतों की तरह तारीख़े इसलाम भी इक्तेदार पसन्द लोगों के जराएम से भरी पड़ी है। इस किताब के सफ़्हात भी ज़ुल्मों इस्तिबदाद की सिहाई (रोशनाई) से रंगीन किए गए हैं। मुसलमानों में […]

विषय

जनाबे फ़ातेमा ज़हरा (अलैहास्सलाम) और ताग़ूत का इनकार

पढ़ने का समय: 5 मिनटला इक्राह फ़िद्दीने कद्तबय्यनर्रुश्दो मिनल ग़य्ये फ़मय्यकफ़ुर बित्ताग़ूते व योमिम बिल्लाहे फक़दिस तम्सक बिल उर्वतिल बुस्क़ा लन फ़िसाम लहा वल्लाहो मसीउन अलीम। (सूरए बक़रह, आयत 256) दीन में जब्र नहीं है, यक़ीनन नेकी को गुम्राही […]