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खिलाफत

ह़दीस: सुन्नते ख़ुलफ़ाए राशेदीन का तजज़िया

पढ़ने का समय: 2 मिनटतरफ़ैन की मोअ़्‌तबर किताबों में ह़दीसे सक़लैन का शुमार मुस्तनद, सह़ीह़ और मुतवातिर रवायतों में होता है। ह़दीसे सक़लैन इस बात की निशानदही करती है कि आँह़ज़रत (स.अ़.व.आ.) ने उम्मत के ह़ुक्म दिया है कि […]

अहलबैत

आ़बिदों की ज़ीनत अ़लीयुब्नुल हुसैन (अ़.स.)

पढ़ने का समय: 4 मिनटमुख्त़सर तआ़रुफ़ विलादत:  38 हिजरी जमादीयुलअव्वल मुक़ामे विलादत – मदीनए मुनव्वरा कुनियत – अबू मोह़म्मद अल्क़ाब – ज़ैनुल आ़बेदीन, सय्यदुस्साजेदीन, वारिसे इमामुल नबीईन, इमामुल मोमेनीन, आ़बिद, सज्जाद, वग़ैरह वालिदे गिरामी – हज़रत इमाम हुसैन (अ़.स.) […]

अहलबैत

इन्हेदामे जन्नतुल बक़ीअ़़

पढ़ने का समय: 10 मिनटइब्तेदाइया: बिस्मिल्लाहिर्रहमानिरर्हीम ’’उद्ओ़ इला सबीले रब्बे-क बिलह़िक्मते वल मौए़ज़तिल ह-स-न-त व जादिलहुम बिल्लती हिया अह़सन’’ लोगों को अपने रब के रास्ते की तरफ़ हिकमत और उमदा नसीहत के साथ दावत दो और उनसे बेहतरीन अंदाज़ […]

अली (अ.स)

मौलूदे कअ़़्बा फ़क़त अ़ली इब्ने अबी तालिब हैं।

पढ़ने का समय: 4 मिनटइन्ना अव्व-ल बैतिन वोज़ेअ़़ लिन्नासे लल्लज़ी बेबक्क-त मुबा-रकन व हुदन लिल आ़़-लमी-न बिला शुब्हा वोह पहला मकान जो लोगों के लिए बनाया गया वह बक्का (मक्का) में है जो बाबरकत है और सारे आ़लम के […]

अली (अ.स)

मुबाहिले के नुक्ते नज़र से सहाबा पर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की अफ़ज़लियत

पढ़ने का समय: 4 मिनटमुबाहिले के नुक्ते नज़र से सहाबा पर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की अफ़ज़लियत सहाबा और अज़्वाज के हामीयों को मुस्तक़िल इस हक़ीक़त से नबर्द-आज़मा होना है कि उनके क़ाएदीन इस्लाम की तारीख़ के किसी भी अहिम वाक़ए […]

अली (अ.स)

आयते मुबाहिला से तारीख़ी इस्तदलाल

पढ़ने का समय: 4 मिनटहारून रशीद बनी अब्बास का एक बादशाह गुज़रा है। बनी अब्बास क्योंकि रसूल अल्लाह स.अ. के चचा अब्बास की औलाद हैं इसलिए वह भी बनी हाशिम हैं। मगर हुकूमत पर क़ाबिज़ होने के बाद इस […]

अहलबैत

क्या अहलेबैते नबी स.अ. को अलैहिमुस्सलाम कहा जा सकता है?

पढ़ने का समय: 5 मिनटक्या अहलेबैते नबी स.अ. को “अलैहिमुस्सलाम”  कहा जा सकता है? येह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देना किसी भी मुसलमान के लिए मुश्किल नहीं है। मगर ख़ुदा बुरा करे नासबियत का जिसने मुसलमानों में […]

अहलेबैत (अ.स.)

२८ सफ़र नाना और नवासे की शहादत एक जैसी है

पढ़ने का समय: 2 मिनट२८ सफ़र सन 11 हिज्री, येह वो तारीख़ है जिस रोज़ रसूले ख़ुदा स.अ. इस दारे फ़ानी से रुख़स्त हुए। उनकी रेहलत के चालीस साल बाद इसी तारीख़ को ऑनहज़रत के बड़े नवासे हज़रत हसने […]

अली (अ.स)

कअ़बतुल्लाह और अली इब्ने अबी तालिब अलैहिमस्सलाम

पढ़ने का समय: 4 मिनटकअ़बतुल्लाह और अली इब्ने अबी तालिब अलैहिमस्सलाम اِنَّ اَوَّلَ بَيْتٍ وُّضِــعَ لِلنَّاسِ لَلَّذِيْ بِبَكَّۃَ مُبٰرَكًا وَّھُدًى لِّـلْعٰلَمِيْنَ इन्ना अव्वला बैतिवं वुज़ेआ लिन-नासे लल्लज़ी बि-बक्-क-त मुबारकवं व हुदल-लिल आलमीन (सूरए आले इमरान आयत 96) यक़ीनन सबसे […]

विषय

जनाबे ज़हरा (स.अ.) ने अपने ह़क़्क़े फि़दक का मुतालिबा क्यों किया?

पढ़ने का समय: 4 मिनटहज़रत फातेमातुज़ ज़हरा (स.अ.) जो कि जन्नत की औरतों की सरदार  हैं, बज़ाहिर दुन्यवी चीज़ों में ज़रा सी भी दिलचस्पी नहीं रखती थीं। इस्लामी दुनिया ने बारहा यह माना है कि वह नफ्स़ पर क़ाबू […]