अहलेबैत (अ.स.)

अश्क़े अज़ा

पढ़ने का समय: 4 मिनटशिया होने की अहम तरीन निशानीयों में से एक निशानी यह भी है कि शिया अहलेबैते पैग़म्बर (अलैहिमुस्सलाम) की ख़ुशी मे ख़ुश और उनके ग़म में ग़मज़दा होता है। यह बात उसूले दीन के मुसल्लेमात […]

मुहर्रम

मजलिसे अज़ा अहलेबैत के घराने की सुन्नत

पढ़ने का समय: 3 मिनटशहादते इमाम हुसैन (अ.स.) एक र्ददनाक वाके़आ है। सन 61 हिजरी में माहे मोहर्रम की दसवीं तारीख़ को फरज़न्दे अली व बूतूल ने अपने खा़नदान बनी हाशिम के 18 जवानो और असहाबे ब वफा के […]

अहलेबैत (अ.स.)

इमाम हुसैन (अ.स.) पर गिरया करने की फज़ीलत: इमाम रज़ा (अ.स.) की ज़बानी

पढ़ने का समय: 3 मिनटइमाम रज़ा (अ.स.) ने फ़रमायाः अए फ़रज़न्दे शबीब! अगर तुम्हें किसी चीज़ पर रोना आए तो फ़रज़न्दे रसूल हुसैन इब्ने अली (अ.स.) पर गिरया करो। इमाम अली बिन मुसा रज़ा (अ.स.) का एक लक़्ब ‘ग़रीबूल […]

अहलेबैत (अ.स.)

इत्तेहाद बैनल मुसलेमीन क्योंकर मुम्किन है?

पढ़ने का समय: 5 मिनटमाहे रमज़ान के आख़री अशरे के आग़ाज़ में टीवी चैनलों पर मौला अली (अलैहिस्सलाम) की शहादत से मुतल्लिक़ प्रोग्राम नश्र किए जाते हैं। आम तौर पर उन प्रोग्रामों में इसलाम के मुख़्तलिफ़ मकातिबे फ़िक्र और […]

अहलेबैत (अ.स.)

तारीख़ निगारी में ख़यानत (पहली क़िस्त)

पढ़ने का समय: 4 मिनटकुछ दिनों क़ब्ल एक मक़ाला नज़रों से गुज़रा कि इसके लिखने वाले ने अइम्माए मासूमीन (अ.स.) की बाज़ रिवायात व फ़रमाइशात को उन्वान बनाया और तारीख़ के बाज़ वाक़ेआत से कजफ़हमी की बुनियाद पर ग़लत […]