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मौला अली (अलैहिस्सलाम) मुक़द्दमए फ़िदक के अहम गवाह

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व यकूलुल लज़ीन कफ़रू लस्त मुर्सला कु़ल कफ़ा बिल्लाहे शहीदुम बैनी व बैनकुम व मन इन्दहू इल्मुल किताब” (सूरए राद, आयत 43) काफ़िर कहते है कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) रसूल नहीं […]

अली (अ.स)

इमामे अली नक़ी (अलैहिस्सलाम) के कुछ इल्मी कमालात

पढ़ने का समय: 3 मिनटहज़रत इमाम अली इब्ने मोहम्मद तक़ी (अलैहिमस्सलाम) का इस्मे गिरामी अली था और कुन्नियत अबुलहसन सालिस थी। आपके मशहूर अल्क़ाब में नजीब, मुर्तज़ा, आलिम, फ़क़ीह, नासेह, अमीन, तय्यब, नक़ी और हादी वग़ैरह का तज़्किरा किया […]

अहलेबैत (अ.स.)

सवाल: क्या ग़दीर का शुमार इस्लामी ईदों में होता है या यह ईद सिर्फ़ शीओं से मख़्सूस है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटजवाब: यह ईद शीओं से मख़्सूस नहीं है, अगरचे शीआ इस ईद से बहोत ज़्यादा लगाओ रखते हैं, बल्कि मुसलमानों के दूसरे फ़िर्क़े भी इस रोज़ को ईद जानते हैं। अबू रैह़ान बैरूनी ने किताब […]

अहलेबैत (अ.स.)

सक़लैन क्या है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटहज़रत रसूले काएनात सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम का इरशादे गिरामी है “मैं तुम्हारे दरमियान दो गिराँ क़द्र चीजें छोड़कर जा रहा हूं। अल्लाह की किताब और मेरी इतरत जो कि मेरे अहले बैत (अलैहिमुस्सलाम) […]

शख्सियतें

आबिदों की ज़ीनत अली इब्नुल हुसैन (अ.स.)

पढ़ने का समय: 4 मिनटमुख्त़सर तआर्रुफ़ विलादत:  38 हिजरी जमादीऊअव्वल मुक़ामे विलादत – मदीनए मुनव्वरा कुन्नियत – अबु मोहम्मद अलक़ाब – ज़ैनुल आबेदीन, सय्यदुस्साजेदीन, वारिसे इमामुल नबीईन, इमामुल मोमेनीन, आबिद, सज्जाद, वग़ैरह वालिदे गिरामी – हज़रत इमाम ह़ुसैन (अ.स.) […]

अहलेबैत (अ.स.)

उम्मुल मोमेनीन जनाबे खदीजा (स.अ.) मोमीनों की हक़ीक़ी माँ

पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी को मोमेनीन की माँ होने का रुतबा और दर्जा दिया है। ह़क़ीक़ी मानो में इस लक़ब की सब से ज़्यादा मुसतहक़ रसूलुल्लाह (स.अ.) की पहली बीबी जनाबे ख़दीजतुल कुबरा (स.अ.) […]

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अय्यामे फ़ातिमी और तजदीदे बराअत

पढ़ने का समय: 5 मिनटइन्नल्लज़ीन यूजू़नल्लाहा व रसूलुहू लानल्लाहो फ़िद्दुनिया वल आख़िरते व अअद्द लहुम आज़ाबम् मुहीना (सूरए एहज़ाब, आयत 57) जो लोग अल्लाह और उसके रसूल को अज़ियत देते हैं अल्लाह उनपर दुनिया और आखे़रत में लानत करता […]

मान्यताएं

अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत

पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]

बहस-मुबाहिसा

इमामे जाफ़रे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) के एक शागिर्द का इमामे अबू हनीफ़ा से मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटएक दिन इमाम जाफरे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) का एक शागिर्द फज़्ज़ाल इब्ने हसन कूफ़ी और उसके एक दोस्त का अबू हनीफ़ा से सामना हुआ कि उस वक़्त अबू हनीफ़ा से इल्मे फ़िक्ह और इल्मे हदीस पढ़ने […]

मान्यताएं

इमाम हसन (अ.स.) का माविया के नाम एक तारीखी़ ख़त

पढ़ने का समय: 3 मिनट21 रमज़ान सन 40 हिजरी को अमीरूलमोमेनीन अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) की शहादत वाक़ेय हुई। इसके बाद तमाम उम्मेते मुसलेमा ने मुत्तहिद होकर सिब्ते अकबर, फरज़न्दे अलीये मुर्तुज़ा हज़रत इमाम हसने मुजतबा (अ.स.) की […]