बहस-मुबाहिसा

इमामे जाफ़रे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) के एक शागिर्द का इमामे अबू हनीफ़ा से मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटएक दिन इमाम जाफरे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) का एक शागिर्द फज़्ज़ाल इब्ने हसन कूफ़ी और उसके एक दोस्त का अबू हनीफ़ा से सामना हुआ कि उस वक़्त अबू हनीफ़ा से इल्मे फ़िक्ह और इल्मे हदीस पढ़ने […]

बहस-मुबाहिसा

इमाम बाकि़र (अ.स.) का एक मुख्त़सर मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटशियों पर जो ऐतेराज़ात होते रहते हैं उन में से एक ऐतेराज़ मुताअ( आरज़ी निकाह) के सिलसिले में किया जाता है। उनके मुखा़लेफीन का ये इल्ज़ाम है कि शियों ने मज़हब में एक नई चीज़ […]

मान्यताएं

इमाम हसन (अ.स.) का माविया के नाम एक तारीखी़ ख़त

पढ़ने का समय: 3 मिनट21 रमज़ान सन 40 हिजरी को अमीरूलमोमेनीन अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) की शहादत वाक़ेय हुई। इसके बाद तमाम उम्मेते मुसलेमा ने मुत्तहिद होकर सिब्ते अकबर, फरज़न्दे अलीये मुर्तुज़ा हज़रत इमाम हसने मुजतबा (अ.स.) की […]

बहस-मुबाहिसा

इमाम बाकि़र (अ.स.) का एक ख़वारिज से मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटजब अवाम ने बग़ावत करके तीसरे ख़लीफा़ उस्मान बिन अफ़फा़न को क़त्ल कर दिया तो खि़लाफ़त की गददी यकबारगी खाली हो गई। लोग हुजूम दर हुजूम मौलाए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) के पास […]

बहस-मुबाहिसा

इमाम मोहम्मद तक़ी (अ.स.) और शेख़ैन से मुतअल्लिक़ जाली अहादीस से मुक़ाबला

पढ़ने का समय: 5 मिनटइमाम रज़ा (अ.स.) की शहादत के बाद शियों की इमामत की ज़िम्मेदारी उनके फ़रज़न्दे अरजुमन्द हज़रत मोहम्मद तक़ी  अल-जवाद (अ.स.) के सिपुर्द हुई। उस वक़्त आपकी कमसिनी का दौर था मगर आप (अ.स.) के कमालात […]

बहस-मुबाहिसा

इमाम बाकि़र (अ.स.) का एक ख़वारिज से मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटजब अवाम ने बग़ावत करके तीसरे ख़लीफा़ उस्मान बिन अफ़फा़न को क़त्ल कर दिया तो खि़लाफ़त की गददी यकबारगी खाली हो गई। लोग हुजूम दर हुजूम मौलाए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) के पास […]

शख्सियतें

इमामे मोहम्मद बाक़िर (अ.स.) की हयाते तय्येबा, एक मुख़्तसर तआरुफ़

पढ़ने का समय: 4 मिनटइमाम मोहम्मद बाक़िर (अ.स.) की विलादते बा सआदत एक रजबुल मुरज्जब 57 हिजरी में मदीनए मुनव्वरा में हुई। आप खानदाने इसमतो तहारत की वह पहले कड़ी हैं जिनका सिलसिलाए नसब माँ और बाप दोनों की […]

अहलेबैत (अ.स.)

अश्क़े अज़ा

पढ़ने का समय: 4 मिनटशिया होने की अहम तरीन निशानीयों में से एक निशानी यह भी है कि शिया अहलेबैते पैग़म्बर (अलैहिमुस्सलाम) की ख़ुशी मे ख़ुश और उनके ग़म में ग़मज़दा होता है। यह बात उसूले दीन के मुसल्लेमात […]

मुहर्रम

माहे मोहर्रम – माहे अज़ा

पढ़ने का समय: 3 मिनटदीगर मज़ाहिब अपने साल का आगाज़ खुशी के साथ मनाते हैं। एक दुसरे को नए साल की मुबारकबाद देते हैं, नये कपड़े वगै़रा पहनते हैं, वगै़रा वगै़रा । मगर मुसलमानों में ये रिवाज नही है […]

मुहर्रम

मजलिसे अज़ा अहलेबैत के घराने की सुन्नत

पढ़ने का समय: 3 मिनटशहादते इमाम हुसैन (अ.स.) एक र्ददनाक वाके़आ है। सन 61 हिजरी में माहे मोहर्रम की दसवीं तारीख़ को फरज़न्दे अली व बूतूल ने अपने खा़नदान बनी हाशिम के 18 जवानो और असहाबे ब वफा के […]