क़ुरआन में अम्बिया (अ़.स.) की मीरास
पढ़ने का समय: 3 मिनटइसमें कोई तअ़्ज्जुब की बात नहीं कि बच्चों को उनके मरह़ूम वालेदैन की मीरास मिलती है। येह हर समाज में, हर ज़माने में और हर मज़हब में पाया जाने वाला दस्तूर है। येह उसूल, मन्तेक़ी […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटइसमें कोई तअ़्ज्जुब की बात नहीं कि बच्चों को उनके मरह़ूम वालेदैन की मीरास मिलती है। येह हर समाज में, हर ज़माने में और हर मज़हब में पाया जाने वाला दस्तूर है। येह उसूल, मन्तेक़ी […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटक्या अबू बक्र की ख़ेलाफ़त को मुसलमानों का इज्माअ़् ह़ासिल था? (अह्ले तसन्नुन आ़लिम की राय) रसूले इस्लाम (स.अ़.व.आ.) की रेह़लत के बअ़्द से अह्ले तसन्नुन सक़ीफ़ाई ख़ेलाफ़त के पैरूकार रहे हैं। उनके पास इस […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटरसूल (स.अ़.व.आ.) के ह़क़ीक़ी अस्ह़ाब कौन हैं? अह्ले तसन्नुन के यहाँ येह रवायत बहुत मशहूर है कि आँह़ज़रत (स.अ़.व.आ.) ने फ़रमाया: “मेरे अस्ह़ाब सितारों की तरह़ हैं। उन में से जिसकी चाहो इत्तेबा करो, हेदायत […]
पढ़ने का समय: 7 मिनटवोह बह़्स जिस ने बहुत से लोगों को शीआ़ मज़हब में तब्दील कर दिया मुस्लिम अक्सरीयत अबू बक्र को रसूलुल्लाह (स.अ़.व.आ.) का ज़ानशीन मानने के लिए कुछ दलाएल पेश करते है। येह दलाएल चार अहम […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटबुज़ुर्गाने दीन की क़ुबूर पर तअ़्मीर क़ाएम करना सुन्नते सह़ाबा है। मुसलमानों में ऐसे बहुत से फ़िक़्ही और अ़क़ाएद पर मबनी मसाएल पाए जाते हैं जिनकी बाबत फ़ुक़हा और उ़लमा के अक़वाल में एख़्तेलाफ़ मिलते […]
पढ़ने का समय: 11 मिनटअमीरुल मोअ्मेनीन अ़ली इब्ने अबी तालिब (अ़.स.) के फ़ज़ाएल शीआ़ और सुन्नी तफ़सीर में जारुल्लाह ज़मख़शरी अपनी तफ़सीर (तफ़सीरुल कश्शाफ़), जि.२, स.१९७ में इब्ने अ़ब्बास से रवायत है कि एक मर्तबा रसूलुल्लाह (स.अ़.व.आ.) अपने अस्ह़ाब […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटक्या मअ़्सूमीन (अ़.स.) ने कभी भी लअ़्नत करने की तरग़ीब नहीं दी? जब अह्लेबैत (अ़.स.) को अ़ज़ीयत देने वालों पर लअ़्नत भेजने की बात आती है तो कुछ अफ़राद इस पर एअ़्तेराज़ करते हैं। वोह […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटदुश्मने अ़ली (अ़.स.) से बराअत ज़रूरी है इस्लाम में और ख़ुसूसन शीआ़ मकतबे फ़िक्र में, दुश्मनाने ख़ुदा और रसूल से बराअत करने को वाजिब क़रार दिया गया है। इस बाबत क़ुरआन में मुतअ़द्दिद आयात मौजूद […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटतारीख़े इस्लाम का वोह वाक़ेआ़ जिसने फ़िर्का वारियत को जन्म दिया आ़लमे इस्लाम आज जिन मसाएल से दो चार है, उन में एक बहुत बड़ा मस्अला फ़िर्का वारियत है। हर एक फ़िर्का अपने आप को […]
पढ़ने का समय: 5 मिनटजब माँगने वाले ने अपने लिए अ़ज़ाब माँगा “एक सवाली ने उस अ़ज़ाब का सवाल किया जो काफ़िरों पर वाक़ेअ़् होने वाला है।” येह “आयते सअल साएलुन या आयते अ़ज़ाबे वाक़ेअ़्”, सूरह मआ़रिज की आयत […]
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