आयते मुबाहिला से तारीख़ी इस्तदलाल
पढ़ने का समय: 4 मिनटहारून रशीद बनी अब्बास का एक बादशाह गुज़रा है। बनी अब्बास क्योंकि रसूल अल्लाह स.अ. के चचा अब्बास की औलाद हैं इसलिए वह भी बनी हाशिम हैं। मगर हुकूमत पर क़ाबिज़ होने के बाद इस […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटहारून रशीद बनी अब्बास का एक बादशाह गुज़रा है। बनी अब्बास क्योंकि रसूल अल्लाह स.अ. के चचा अब्बास की औलाद हैं इसलिए वह भी बनी हाशिम हैं। मगर हुकूमत पर क़ाबिज़ होने के बाद इस […]
पढ़ने का समय: 5 मिनटक्या अहलेबैते नबी स.अ. को “अलैहिमुस्सलाम” कहा जा सकता है? येह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देना किसी भी मुसलमान के लिए मुश्किल नहीं है। मगर ख़ुदा बुरा करे नासबियत का जिसने मुसलमानों में […]
पढ़ने का समय: 2 मिनटआयते मुबाहिला में हज़रत अली अलैहिस्सलाम की सबसे अज़ीम फ़ज़ीलत एक दिन बनी अब्बास के बादशाह ने इमाम अली रज़ा (अ.स.) से सवाल किया आप के नज़दीक अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) की अज़ीम-तरीन फ़ज़ीलत […]
पढ़ने का समय: 6 मिनटएहतेमामे ग़दीर -पार्ट-१ किसी शै (चीज़) की ख़ुसूसीयत या अहमियत क्या सिर्फ़ माद्दीयत ही पर मुनहसिर हो सकती है? किसी वाक़ए का तारीख़़ी होना क्या यह उस की कम अहमियत की दलील हो सकती है? […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटअमीरुल मोमेनीन (अलैहिस्सलाम) का रोज़े शहादत आलमें इस्लाम के लिए सबसे ज़्यादा मुसीबत वाला रोज़ रहा है। यह वह सानेहा था जिसने इस्लाम में कभी पुर न होने वाला ख़ला पैदा किया है। यब वह […]
पढ़ने का समय: 5 मिनट19 रमज़ानुल मुबारक सन 40 हिजरी को सुबह की नमाज़ के वक्त एक ऐसा दिल दोज़ (दिल हिलाने वाला) वाक़िया ज़ाहिर हुआ जिसे मुसलमानों की तारीख़ आज तक नहीं भुला पाई। मस्जिदे कुफ़ा के मेहराबे […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटदूसरी क़ौमों और मिल्लतों की तरह तारीख़े इसलाम भी इक्तेदार पसन्द लोगों के जराएम से भरी पड़ी है। इस किताब के सफ़्हात भी ज़ुल्मों इस्तिबदाद की सिहाई (रोशनाई) से रंगीन किए गए हैं। मुसलमानों में […]
Copyright © 2026 | MH Magazine WordPress Theme by MH Themes