क्या येह फ़ज़ीलत है?
पढ़ने का समय: 3 मिनटक्या येह फ़ज़ीलत है? अह्ले तसन्नुन उ़लमा जब अपने ख़ुलफ़ा की फ़ज़ीलत गिनवाते हैं तो इस बात का ज़िक्र ज़रूर करते हैं कि शेख़ैन को येह शरफ़ ह़ासिल है कि वोह दोनों रसूले इस्लाम के […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटक्या येह फ़ज़ीलत है? अह्ले तसन्नुन उ़लमा जब अपने ख़ुलफ़ा की फ़ज़ीलत गिनवाते हैं तो इस बात का ज़िक्र ज़रूर करते हैं कि शेख़ैन को येह शरफ़ ह़ासिल है कि वोह दोनों रसूले इस्लाम के […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटअगर वोह वाक़ेअ़न सिद्दीक़े अकबर थे तो रसूलुल्लाह (स.अ़.व.आ.) उनको अपने हमराह क्यों नहीं ले गए? जब रसूलुल्लाह (स.अ़.व.आ.) ने दीने ख़ुदा की तब्लीग़ का काम बैनुल अक़वामी तौर पर शुरूअ़् किया तो आप (स.अ़.व.आ.) […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटबराअ़ते फ़ातेमी (स.अ़.) अज़ ख़ेलाफ़ते ग़ासेबी आ़लमे इस्लाम में जितने भी फ़िर्क़े हैं उनमें मक़तबे तशय्योअ़् को बहुत से इम्तेयाज़ात ह़ासिल हैं। उनमें एक येह है कि वोह रसूले अकरम (स.अ़.व.आ.) की वसीयत, “ह़दीसे सक़लैन” […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटहुसैन कौन हैं? इमाम हुसैन (अ.स) की शख़सियत एतबार से बेमिसाल बेनज़ीर है। मसलन हसब व नसब, अगर मुसलमान इनकी फजिलतों पर गौर करते तो कोई शक नहीं रहता के इमाम हुसैन (अ.स) बेहतर हैं […]
पढ़ने का समय: 2 मिनटफ़िदक की कहानी आ़एशा की ज़बानी रसूल (स.अ़.) की रेहलत के बअ़्द जो वाक़आ़त रूनुमा हुए उन में से अहम वाक़आ़ मुक़द्दमए फ़िदक था। बल्कि येह वाक़आ़ हेदायत ह़ासिल करने वालों के लिए एक मश्अ़ले […]
पढ़ने का समय: 5 मिनटअह्ले तसन्नुन के बअ़्ज़ ख़ुतबा इस बात को फ़ख़्रिया बयान करते हैं कि उनके इमाम अबू ह़नीफ़ा नोअ़्मान बिन अबी शबरमा इमाम जअ़्फ़र सादिक़ के शागिर्द रहे हैं। इस बाबत अबू ह़नीफ़ा से येह जुमला […]
पढ़ने का समय: 10 मिनटइब्तेदाइया: बिस्मिल्लाहिर्रहमानिरर्हीम ’’उद्ओ़ इला सबीले रब्बे-क बिलह़िक्मते वल मौए़ज़तिल ह-स-न-त व जादिलहुम बिल्लती हिया अह़सन’’ लोगों को अपने रब के रास्ते की तरफ़ हिकमत और उमदा नसीहत के साथ दावत दो और उनसे बेहतरीन अंदाज़ […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटइन्ना अव्व-ल बैतिन वोज़ेअ़़ लिन्नासे लल्लज़ी बेबक्क-त मुबा-रकन व हुदन लिल आ़़-लमी-न बिला शुब्हा वोह पहला मकान जो लोगों के लिए बनाया गया वह बक्का (मक्का) में है जो बाबरकत है और सारे आ़लम के […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटमुबाहिले के नुक्ते नज़र से सहाबा पर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की अफ़ज़लियत सहाबा और अज़्वाज के हामीयों को मुस्तक़िल इस हक़ीक़त से नबर्द-आज़मा होना है कि उनके क़ाएदीन इस्लाम की तारीख़ के किसी भी अहिम वाक़ए […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटहारून रशीद बनी अब्बास का एक बादशाह गुज़रा है। बनी अब्बास क्योंकि रसूल अल्लाह स.अ. के चचा अब्बास की औलाद हैं इसलिए वह भी बनी हाशिम हैं। मगर हुकूमत पर क़ाबिज़ होने के बाद इस […]
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