अहलेबैत (अ.स.)

सवाल: क्या ग़दीर का शुमार इस्लामी ईदों में होता है या यह ईद सिर्फ़ शीओं से मख़्सूस है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटजवाब: यह ईद शीओं से मख़्सूस नहीं है, अगरचे शीआ इस ईद से बहोत ज़्यादा लगाओ रखते हैं, बल्कि मुसलमानों के दूसरे फ़िर्क़े भी इस रोज़ को ईद जानते हैं। अबू रैह़ान बैरूनी ने किताब […]

अहलेबैत (अ.स.)

सक़लैन क्या है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटहज़रत रसूले काएनात सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम का इरशादे गिरामी है “मैं तुम्हारे दरमियान दो गिराँ क़द्र चीजें छोड़कर जा रहा हूं। अल्लाह की किताब और मेरी इतरत जो कि मेरे अहले बैत (अलैहिमुस्सलाम) […]

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मुसलामानों के दरमियान पैग़म्बरे इस्लाम (स.अ.) और अमानियत का एहसास

पढ़ने का समय: 6 मिनटसूरए माएदा आयत नं. 67 का यह हिस्सा निहायत ग़ौर तलब और क़ाबिले फ़िक्र है, इसलिए कि रसूले अकरम (स.अ.) अपनी 23 साला तबलीग़ी ज़िन्दगी में रिसालते इलाहिया के पहूँचाने में सख्त़ तरीन औका़त और […]

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अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत

पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]

मुहर्रम

माहे मोहर्रम – माहे अज़ा

पढ़ने का समय: 3 मिनटदीगर मज़ाहिब अपने साल का आगाज़ खुशी के साथ मनाते हैं। एक दुसरे को नए साल की मुबारकबाद देते हैं, नये कपड़े वगै़रा पहनते हैं, वगै़रा वगै़रा । मगर मुसलमानों में ये रिवाज नही है […]

मुहर्रम

मजलिसे अज़ा अहलेबैत के घराने की सुन्नत

पढ़ने का समय: 3 मिनटशहादते इमाम हुसैन (अ.स.) एक र्ददनाक वाके़आ है। सन 61 हिजरी में माहे मोहर्रम की दसवीं तारीख़ को फरज़न्दे अली व बूतूल ने अपने खा़नदान बनी हाशिम के 18 जवानो और असहाबे ब वफा के […]

अहलेबैत (अ.स.)

इमाम हुसैन (अ.स.) पर गिरया करने की फज़ीलत: इमाम रज़ा (अ.स.) की ज़बानी

पढ़ने का समय: 3 मिनटइमाम रज़ा (अ.स.) ने फ़रमायाः अए फ़रज़न्दे शबीब! अगर तुम्हें किसी चीज़ पर रोना आए तो फ़रज़न्दे रसूल हुसैन इब्ने अली (अ.स.) पर गिरया करो। इमाम अली बिन मुसा रज़ा (अ.स.) का एक लक़्ब ‘ग़रीबूल […]

मुहर्रम

ज़ीयारते अरबईन और पियादा रवी: (ज़ीयारते अरबईन और पैदल चलना)

पढ़ने का समय: 4 मिनटअहले इस्लाम में जितना अहले तशय्यों के यहाँ बुर्ज़ुगाने दीन की ज़ियारत का रेवाज है , उतना किसी दुसरे मसलक में नही पाया जाता। अहले तश्य्यो के यहाँ अईम्मा और मासूमीन के मज़ारात न सिर्फ […]

मुहर्रम

रोज़े अरबईन – इमाम हुसैन (अ.स.) का चेहलुम

पढ़ने का समय: 4 मिनटमाहे सफर के आग़ाज़ से ही बहोत से अज़ादारे सैय्यदुश शोहदा (अ.स.) रोज़े अरबईन की तैयारी में लग जाते हैं, ख़ुसूसन वह जो करबला के सफ़र का इरादा रखते हैं। वैसे तो सरकारे सैय्यदुश शोहदा […]

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अहले-सुन्नत की किताबों में रसूलल्लाह की शहादत का बयान

पढ़ने का समय: 4 मिनटबहुत से मुसलमान यह समझते हैं कि आँ-हज़रत की मौत एक बीमारी की वजह से हुई थी,जबकि हक़ीक़त इसके बर-अकस है इस ग़लत – फहमी के आम होने की वजह शायद मुसलमान ज़ाकेरीन; उलेमा और […]