अहलेबैत (अ.स.)

सवाल: क्या ग़दीर का शुमार इस्लामी ईदों में होता है या यह ईद सिर्फ़ शीओं से मख़्सूस है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटजवाब: यह ईद शीओं से मख़्सूस नहीं है, अगरचे शीआ इस ईद से बहोत ज़्यादा लगाओ रखते हैं, बल्कि मुसलमानों के दूसरे फ़िर्क़े भी इस रोज़ को ईद जानते हैं। अबू रैह़ान बैरूनी ने किताब […]

अहलेबैत (अ.स.)

सक़लैन क्या है?

पढ़ने का समय: 2 मिनटहज़रत रसूले काएनात सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम का इरशादे गिरामी है “मैं तुम्हारे दरमियान दो गिराँ क़द्र चीजें छोड़कर जा रहा हूं। अल्लाह की किताब और मेरी इतरत जो कि मेरे अहले बैत (अलैहिमुस्सलाम) […]

मान्यताएं

मुसलामानों के दरमियान पैग़म्बरे इस्लाम (स.अ.) और अमानियत का एहसास

पढ़ने का समय: 6 मिनटसूरए माएदा आयत नं. 67 का यह हिस्सा निहायत ग़ौर तलब और क़ाबिले फ़िक्र है, इसलिए कि रसूले अकरम (स.अ.) अपनी 23 साला तबलीग़ी ज़िन्दगी में रिसालते इलाहिया के पहूँचाने में सख्त़ तरीन औका़त और […]

शख्सियतें

आबिदों की ज़ीनत अली इब्नुल हुसैन (अ.स.)

पढ़ने का समय: 4 मिनटमुख्त़सर तआर्रुफ़ विलादत:  38 हिजरी जमादीऊअव्वल मुक़ामे विलादत – मदीनए मुनव्वरा कुन्नियत – अबु मोहम्मद अलक़ाब – ज़ैनुल आबेदीन, सय्यदुस्साजेदीन, वारिसे इमामुल नबीईन, इमामुल मोमेनीन, आबिद, सज्जाद, वग़ैरह वालिदे गिरामी – हज़रत इमाम ह़ुसैन (अ.स.) […]

अहलेबैत (अ.स.)

उम्मुल मोमेनीन ख़दीजा (स.अ.) से आय़शा का हसद

पढ़ने का समय: 4 मिनटहज़रते ख़दीजा रसूले ख़ुदा (स.अ.) की पहली बीवी होने के साथ साथ इसलाम क़ुबूल करनेवाली पहली खा़तून भी हैं। आँ-हज़रत (स.अ.) कि निगाह में वह एक अज़ीमुश-शान मुक़ाम और बुलन्द मर्तबा रखने वाली खा़तून हैं। […]

अहलेबैत (अ.स.)

उम्मुल मोमेनीन जनाबे खदीजा (स.अ.) मोमीनों की हक़ीक़ी माँ

पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी को मोमेनीन की माँ होने का रुतबा और दर्जा दिया है। ह़क़ीक़ी मानो में इस लक़ब की सब से ज़्यादा मुसतहक़ रसूलुल्लाह (स.अ.) की पहली बीबी जनाबे ख़दीजतुल कुबरा (स.अ.) […]

मान्यताएं

रसूलल्लाह (स.अ.) पर उम्मत का सितम

पढ़ने का समय: 4 मिनटसन दस हिजरी के इख्तेताम से ही सरवरे काएनात हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स.अ.) अपनी उम्मत को यह बताते रहे कि अन्क़रीब मैं तुम्हारे दरमियान से चला जाने वाला हूँ। मैं अपने रब की दावत को […]

मान्यताएं

अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत

पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]

शख्सियतें

मुन्तक़िमे खूने ज़हराः इमाम मेहदी (अ.स.)

पढ़ने का समय: 3 मिनट‘पस हमने जुर्म करने वालों से इंतेक़ाम लिया। मोमिनों का हम पर हक़ है के हम उनकी मदद करें।’ (कु़रआन मजीद) इमाम मेहदी की एक अहम खु़सूसियत ये है कि आप (अ.स.) अल्लाह की ज़मीन […]

बहस-मुबाहिसा

इमामे जाफ़रे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) के एक शागिर्द का इमामे अबू हनीफ़ा से मुनाज़ेरा

पढ़ने का समय: 3 मिनटएक दिन इमाम जाफरे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) का एक शागिर्द फज़्ज़ाल इब्ने हसन कूफ़ी और उसके एक दोस्त का अबू हनीफ़ा से सामना हुआ कि उस वक़्त अबू हनीफ़ा से इल्मे फ़िक्ह और इल्मे हदीस पढ़ने […]