अमीरुल मोमेनीन के क़ातिलो पर ख़ुदा की लानत
पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटमाहे रमज़ान को साल के दूसरे महीनों पर जो फज़ीलत हासिल है उनमें से एक यह भी है कि इस महीने में क़ुरान नाज़िल हुआ। जिस शब क़ुरान नाज़िल हुआ है उसे शबे क़द्र कहा […]
पढ़ने का समय: 3 मिनट‘पस हमने जुर्म करने वालों से इंतेक़ाम लिया। मोमिनों का हम पर हक़ है के हम उनकी मदद करें।’ (कु़रआन मजीद) इमाम मेहदी की एक अहम खु़सूसियत ये है कि आप (अ.स.) अल्लाह की ज़मीन […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटएक दिन इमाम जाफरे सादिक़ (अलैहिस्सलाम) का एक शागिर्द फज़्ज़ाल इब्ने हसन कूफ़ी और उसके एक दोस्त का अबू हनीफ़ा से सामना हुआ कि उस वक़्त अबू हनीफ़ा से इल्मे फ़िक्ह और इल्मे हदीस पढ़ने […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटशियों पर जो ऐतेराज़ात होते रहते हैं उन में से एक ऐतेराज़ मुताअ( आरज़ी निकाह) के सिलसिले में किया जाता है। उनके मुखा़लेफीन का ये इल्ज़ाम है कि शियों ने मज़हब में एक नई चीज़ […]
पढ़ने का समय: 3 मिनट21 रमज़ान सन 40 हिजरी को अमीरूलमोमेनीन अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) की शहादत वाक़ेय हुई। इसके बाद तमाम उम्मेते मुसलेमा ने मुत्तहिद होकर सिब्ते अकबर, फरज़न्दे अलीये मुर्तुज़ा हज़रत इमाम हसने मुजतबा (अ.स.) की […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटजब अवाम ने बग़ावत करके तीसरे ख़लीफा़ उस्मान बिन अफ़फा़न को क़त्ल कर दिया तो खि़लाफ़त की गददी यकबारगी खाली हो गई। लोग हुजूम दर हुजूम मौलाए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) के पास […]
पढ़ने का समय: 5 मिनटइमाम रज़ा (अ.स.) की शहादत के बाद शियों की इमामत की ज़िम्मेदारी उनके फ़रज़न्दे अरजुमन्द हज़रत मोहम्मद तक़ी अल-जवाद (अ.स.) के सिपुर्द हुई। उस वक़्त आपकी कमसिनी का दौर था मगर आप (अ.स.) के कमालात […]
पढ़ने का समय: 3 मिनटजब अवाम ने बग़ावत करके तीसरे ख़लीफा़ उस्मान बिन अफ़फा़न को क़त्ल कर दिया तो खि़लाफ़त की गददी यकबारगी खाली हो गई। लोग हुजूम दर हुजूम मौलाए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अ.स.) के पास […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटइमाम मोहम्मद बाक़िर (अ.स.) की विलादते बा सआदत एक रजबुल मुरज्जब 57 हिजरी में मदीनए मुनव्वरा में हुई। आप खानदाने इसमतो तहारत की वह पहले कड़ी हैं जिनका सिलसिलाए नसब माँ और बाप दोनों की […]
पढ़ने का समय: 4 मिनटशिया होने की अहम तरीन निशानीयों में से एक निशानी यह भी है कि शिया अहलेबैते पैग़म्बर (अलैहिमुस्सलाम) की ख़ुशी मे ख़ुश और उनके ग़म में ग़मज़दा होता है। यह बात उसूले दीन के मुसल्लेमात […]
Copyright © 2026 | MH Magazine WordPress Theme by MH Themes