अली (अ.स)

एहतेमामे ग़दीर-पार्ट-१

पढ़ने का समय: 6 मिनटएहतेमामे ग़दीर -पार्ट-१  किसी शै (चीज़) की ख़ुसूसीयत या अहमियत क्या सिर्फ़ माद्दीयत ही पर मुनहसिर हो सकती है? किसी वाक़ए का तारीख़़ी होना क्या यह उस की कम अहमियत की दलील हो सकती है? […]

अहलेबैत (अ.स.)

इस्लाम पर दौलते जनाबे ख़दीजा (स.अ.) का एहसान

पढ़ने का समय: 2 मिनटकिसी भी मिशन की कामयाबी के लिए जितना ख़ुलूसे नियत की ज़रूरत होती है उस से कहीं ज़्यादा सरमाया (माल) दरकार होता है। हर आलमी (दुन्यवी) रहबर और सरबराहे कौम को साहिबे सरवत मुख़्लिस मददगारों […]

अन्य लोग

शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल वहाब की दीदा दिलेरी और पैग़म्बरे अकरम (स.अ.) की शान में गुस्ताखी़याँ

पढ़ने का समय: 2 मिनटशेख़ नजदी मुख्त़लिफ़ तरीकों से पैग़म्बरे अकरम (स.अ.) की तनक़ीद किया करता था और उस का यह ख़्याल था कि तौहीद को महफूज़ रखने का यही एक तरीक़ा है। उसकी चन्द गुस्ताखियाँ दर्ज ज़ैल हैं। […]

मान्यताएं

इस्लाम का हक़ीक़ी चेहरा किसने बिगाड़ा?

पढ़ने का समय: 4 मिनटअल्लाह ने इन्सानों की हिदायत के लिये लगातार अंबिया और मुरसलीन भेजे ताकि वो बनी आदम को इंसानियत का दरस दें और उनका किरदार इस बुलंदी पर ले जायें के फरिशते उनकी ख़िदमत करने पर […]

अहलेबैत (अ.स.)

रसुलुल्लाह (स.अ.) पर उम्मत का सितम

पढ़ने का समय: 4 मिनटसन 10 हिजरी के इख्तिताम से ही सरवरे कायनात हज़रत मोहम्मद मुस्तुफा़ (स.अ.) अपनी उम्मत को यह बताते रहे कि अनक़रीब मैं तुम्हारे दरमियान से चला जाने वाला हूँ। मैं अपने रब की दावत को […]

अहलबैत

शहादते अमीरुल मोमेनीन (अलैहिस्सलाम) की ख़बर और रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व सल्लम) का गिरिया

पढ़ने का समय: 3 मिनटअमीरुल मोमेनीन (अलैहिस्सलाम) का रोज़े शहादत आलमें इस्लाम के लिए सबसे ज़्यादा मुसीबत वाला रोज़ रहा है। यह वह सानेहा था जिसने इस्लाम में कभी पुर न होने वाला ख़ला पैदा किया है। यब वह […]

मान्यताएं

क्या ख़ौफ़ज़दा हो जाना बुज़दिली की अलामत है?

पढ़ने का समय: 3 मिनटबाज़ आह्ले तसन्नुन लोग इस बात पर ऐतेराज़ करते हैं कि शिया यह दावा करते हैं कि उनके बारहवें इमाम 255 हिजरी से यानी 1000 साल से ज़्यादा मुद्दत से ज़िन्दा हैं और ग़ैबत में […]

अहलेबैत (अ.स.)

उम्मुलमोमेनीन जनाबे खदीजा (स.अ.) मोमिनो की हक़ीक़ी माँ

पढ़ने का समय: 3 मिनटक़ुरआने करीम ने अज़वाजे नबी (स.अ.व.व.) को मोमेनीन की माँ होने का रूतबा और दर्जा दिया है। हक़ीक़ी मानो में इस लक़्ब की सब से ज़्यादा मुस्तहिक़ रसूलुल्लाह (स.अ.व.व.) की पहली ज़ौजा जनाबे ख़दीजातुल कुबरा […]

अहलेबैत (अ.स.)

उम्मुलमोमेनीन जनाबे खदीजा (स.अ.)

पढ़ने का समय: 3 मिनट“व व जदका आयेलन फ़अग़ना” “हम ने आपको मोहताज पाया तो आप को ग़नी कर दिया।” जनाबे ख़दीजा बिन्त ख़ोवैलिद न सिर्फ़ ये के रसूले ख़ुदा (स.अ.व.व.) की अज़ीज़तरीन ज़ौजा हैं बल्कि सबसे पहले इसलाम […]

विषय

जनाबे फ़ातेमा ज़हरा (अलैहास्सलाम) और ताग़ूत का इनकार

पढ़ने का समय: 5 मिनटला इक्राह फ़िद्दीने कद्तबय्यनर्रुश्दो मिनल ग़य्ये फ़मय्यकफ़ुर बित्ताग़ूते व योमिम बिल्लाहे फक़दिस तम्सक बिल उर्वतिल बुस्क़ा लन फ़िसाम लहा वल्लाहो मसीउन अलीम। (सूरए बक़रह, आयत 256) दीन में जब्र नहीं है, यक़ीनन नेकी को गुम्राही […]